Illustration of immune T cells attacking a cancer cell

इम्यूनोथेरेपी क्या है? कैंसर में कैसे काम करती है, प्रकार और खर्च

संक्षिप्त उत्तर: इम्यूनोथेरेपी कैंसर का एक ऐसा इलाज है जो शरीर की अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) को कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और उन पर हमला करने में मदद करता है। कीमोथेरेपी सीधे कोशिकाओं को मारती है, जबकि इम्यूनोथेरेपी आपके इम्यून सिस्टम को कैंसर से लड़ने के लिए तैयार करती है।

मुख्य बातें

  • इम्यूनोथेरेपी को सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन के बाद कैंसर इलाज का एक प्रमुख तरीका माना जाता है।
  • इसके कई प्रकार हैं – चेकपॉइंट इनहिबिटर, CAR-T सेल थेरेपी, डेंड्रिटिक सेल थेरेपी, कैंसर वैक्सीन आदि।
  • यह हर मरीज़ और हर कैंसर में एक जैसा काम नहीं करती; जांच (जैसे PD-L1, MSI) से तय होता है कि फायदा होने की संभावना कितनी है।
  • इसके साइड इफेक्ट्स कीमोथेरेपी से अलग होते हैं और कई बार हफ्तों बाद दिखते हैं।
  • इलाज का फैसला हमेशा आपके कैंसर विशेषज्ञ (ऑन्कोलॉजिस्ट) के साथ मिलकर करें।
इस लेख में

    इम्यूनोथेरेपी क्या होती है?

    हमारा इम्यून सिस्टम रोज़ शरीर में असामान्य कोशिकाओं को पहचानकर नष्ट करता है। लेकिन कैंसर कोशिकाएं कई तरीकों से खुद को छिपा लेती हैं – कभी वे इम्यून सिस्टम पर “ब्रेक” लगा देती हैं, तो कभी इम्यून कोशिकाओं को पहचान ही नहीं होने देतीं।

    इम्यूनोथेरेपी इन्हीं रुकावटों को दूर करती है या इम्यून सिस्टम को कैंसर की पहचान सिखाती है, ताकि शरीर खुद कैंसर से लड़ सके। अंग्रेज़ी में विस्तार से पढ़ें: What is immunotherapy।

    इम्यूनोथेरेपी कैसे काम करती है?

    इसे आसान भाषा में ऐसे समझें:

    1. पहचान: इम्यून सिस्टम को कैंसर कोशिकाओं की “पहचान” (एंटीजन) दिखाई जाती है।
    2. ट्रेनिंग: T कोशिकाएं (एक तरह की सफेद रक्त कोशिकाएं) उस पहचान के आधार पर कैंसर को निशाना बनाना सीखती हैं।
    3. हमला: जो “ब्रेक” कैंसर ने लगाए थे, वे हटाए जाते हैं ताकि T कोशिकाएं पूरी ताकत से काम कर सकें।

    अलग-अलग इम्यूनोथेरेपी इन तीनों में से अलग-अलग कदम पर काम करती हैं।

    इम्यूनोथेरेपी के प्रकार

    प्रकारकैसे काम करती हैउदाहरण
    चेकपॉइंट इनहिबिटरइम्यून सिस्टम के “ब्रेक” (PD-1, PD-L1, CTLA-4) हटाती हैंपेम्ब्रोलिज़ुमैब (Keytruda), निवोलुमैब, एटेज़ोलिज़ुमैब
    CAR-T सेल थेरेपीमरीज़ की T कोशिकाओं को लैब में बदलकर कैंसर पर निशाना साधने लायक बनाया जाता हैकुछ ब्लड कैंसर में उपयोग; भारत में NexCAR19
    डेंड्रिटिक सेल थेरेपीमरीज़ के अपने खून से बनी डेंड्रिटिक कोशिकाएं T कोशिकाओं को कैंसर पहचानना सिखाती हैंव्यक्तिगत (पर्सनलाइज़्ड) सेल थेरेपी, जैसे Denvax
    मोनोक्लोनल एंटीबॉडीलैब में बनी एंटीबॉडी कैंसर कोशिकाओं को चिह्नित या ब्लॉक करती हैंरिटक्सिमैब, ट्रास्टुज़ुमैब
    कैंसर वैक्सीनइम्यून सिस्टम को किसी खास कैंसर के प्रति सक्रिय करती हैंइलाज वाली (थेराप्यूटिक) वैक्सीन; बचाव के लिए HPV वैक्सीन
    साइटोकाइन व अन्यइम्यून सिस्टम को सामान्य रूप से सक्रिय करते हैंइंटरल्यूकिन-2, इंटरफेरॉन, ऑन्कोलिटिक वायरस

    हर प्रकार पर विस्तार से: Types of immunotherapy।

    किन कैंसर में इम्यूनोथेरेपी इस्तेमाल होती है?

    आज इम्यूनोथेरेपी कई कैंसर में इस्तेमाल होती है, जैसे फेफड़ों का कैंसर, मुंह और गले (हेड एंड नेक) का कैंसर, मेलानोमा (त्वचा कैंसर), किडनी और मूत्राशय (ब्लैडर) का कैंसर, लिवर कैंसर, भोजन नली (इसोफेगस) और पेट का कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर और कुछ ब्लड कैंसर।

    भारत में 2022 में लगभग 14.6 लाख नए कैंसर मामलों का अनुमान है (ICMR – राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम), और ऐसे में इलाज के नए विकल्पों की ज़रूरत लगातार बढ़ रही है।

    किसे इम्यूनोथेरेपी से फायदा हो सकता है?

    यह कई बातों पर निर्भर करता है:

    • कैंसर का प्रकार और स्टेज
    • ट्यूमर की जांच: PD-L1, MSI/MMR, TMB जैसे बायोमार्कर
    • पहले हुआ इलाज: कुछ दवाएं पहली लाइन में, कुछ कीमोथेरेपी के बाद दी जाती हैं
    • सामान्य स्वास्थ्य: ऑटोइम्यून बीमारी, अंग प्रत्यारोपण या लंबे समय से स्टेरॉयड लेना

    पूरी जानकारी: Is immunotherapy right for me?

    इम्यूनोथेरेपी और कीमोथेरेपी में अंतर

    कीमोथेरेपीइम्यूनोथेरेपी
    कैसे काम करती हैतेज़ी से बढ़ने वाली कोशिकाओं को सीधे मारती हैइम्यून सिस्टम को कैंसर से लड़ने में मदद करती है
    असर कब दिखता हैअक्सर जल्दीकई बार धीरे-धीरे; कुछ मरीज़ों में लंबे समय तक असर
    आम साइड इफेक्ट्सबाल झड़ना, उल्टी, खून की कमी, संक्रमण का खतराथकान, त्वचा पर दाने, थायरॉयड की समस्या, दस्त, कभी-कभी फेफड़ों या लिवर में सूजन

    दोनों को अक्सर साथ में भी दिया जाता है। विस्तार से: Immunotherapy vs chemotherapy।

    इम्यूनोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स

    क्योंकि इम्यूनोथेरेपी इम्यून सिस्टम को सक्रिय करती है, कभी-कभी यह शरीर के स्वस्थ अंगों में भी सूजन पैदा कर सकती है। आम लक्षण:

    • थकान और हल्का बुखार
    • त्वचा पर खुजली या दाने
    • दस्त या पेट दर्द
    • थायरॉयड हार्मोन में बदलाव
    • खांसी या सांस फूलना (कम मामलों में)

    ज़रूरी: कोई भी नया लक्षण – खासकर दस्त, सांस फूलना या पीलिया – हो तो तुरंत अपनी डॉक्टर टीम को बताएं, भले ही आखिरी डोज़ को हफ्तों हो गए हों। ज़्यादातर साइड इफेक्ट्स समय पर इलाज से ठीक हो जाते हैं। अधिक जानकारी: Immunotherapy side effects।

    भारत में इम्यूनोथेरेपी का खर्च

    खर्च दवा के प्रकार, डोज़ और इलाज की अवधि पर निर्भर करता है। 2026 के प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार:

    • पेम्ब्रोलिज़ुमैब (Keytruda) की 100 mg शीशी की MRP लगभग ₹1.85–2.17 लाख है; एक साइकिल (200 mg) में सिर्फ दवा का खर्च लगभग ₹3.4–4.3 लाख।
    • निवोलुमैब का बायोसिमिलर (Tishtha) लगभग ₹28,950 प्रति 100 mg शीशी पर लॉन्च हुआ।
    • CAR-T सेल थेरेपी का खर्च आम तौर पर ₹30–40 लाख या अधिक।
    • डेंड्रिटिक सेल थेरेपी प्रति डोज़ या पूरे कोर्स के हिसाब से तय होती है।

    कई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां “मॉडर्न ट्रीटमेंट” के तहत इम्यूनोथेरेपी को कुछ सीमा तक कवर करती हैं – अपनी बीमा कंपनी से लिखित में पुष्टि करें। विस्तार से: Immunotherapy cost in India।

    Denvax डेंड्रिटिक सेल इम्यूनोथेरेपी

    Denvax मरीज़ के अपने खून से बनाई जाने वाली व्यक्तिगत डेंड्रिटिक सेल इम्यूनोथेरेपी प्रदान करता है। इसे सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन या अन्य इम्यूनोथेरेपी के साथ अतिरिक्त (ऐड-ऑन) इलाज के रूप में प्लान किया जाता है – यह मानक इलाज की जगह नहीं लेता।

    हमारे क्लिनिक दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, पटना, देहरादून, हल्द्वानी और चेन्नई में हैं, और कई शहरों में घर पर ब्लड कलेक्शन की सुविधा भी है।

    परामर्श बुक करें या टोल-फ्री नंबर 1800 123 1132 पर कॉल करें।

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    इम्यूनोथेरेपी क्या होती है?

    इम्यूनोथेरेपी कैंसर का ऐसा इलाज है जो शरीर के इम्यून सिस्टम को कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और नष्ट करने में मदद करता है।

    क्या इम्यूनोथेरेपी से कैंसर पूरी तरह ठीक हो जाता है?

    इम्यूनोथेरेपी कुछ मरीज़ों में लंबे समय तक बीमारी को नियंत्रित कर सकती है, लेकिन इसका असर हर मरीज़ में अलग होता है और यह हर किसी पर काम नहीं करती। कोई भी इलाज पूरी तरह ठीक होने की गारंटी नहीं देता – अपने डॉक्टर से अपनी स्थिति के बारे में बात करें।

    इम्यूनोथेरेपी कितने दिन चलती है?

    यह कैंसर और दवा पर निर्भर करता है। कई चेकपॉइंट इनहिबिटर हर 3 या 6 हफ्ते में दिए जाते हैं और इलाज महीनों से लेकर लगभग दो साल तक चल सकता है।

    क्या इम्यूनोथेरेपी दर्दनाक होती है?

    ज़्यादातर इम्यूनोथेरेपी ड्रिप (इन्फ्यूजन) या इंजेक्शन से दी जाती है, जो आम तौर पर दर्दनाक नहीं होती। कुछ मरीज़ों को थकान या हल्का बुखार हो सकता है।

    क्या इम्यूनोथेरेपी कीमोथेरेपी के साथ दी जा सकती है?

    हां, कई कैंसर में इम्यूनोथेरेपी और कीमोथेरेपी साथ में दी जाती हैं। सही योजना आपके ऑन्कोलॉजिस्ट तय करेंगे।

    संदर्भ (References)

    1. National Cancer Institute. Immunotherapy to treat cancer. cancer.gov.
    2. Sathishkumar K, et al. Cancer incidence estimates for 2022 & projection for 2025: National Cancer Registry Programme, India. Indian J Med Res. 2022. PubMed 36510887.
    3. Schneider BJ, et al. Management of immune-related adverse events: ASCO guideline update. J Clin Oncol. 2021;39(36):4073-4126. ASCO.
    4. CION Cancer Clinics. Pembrolizumab (Keytruda) price in India: 2026 costs. cioncancerclinics.com.
    5. Zydus nivolumab biosimilar Tishtha launch, January 2026. Pharma India.

    चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. शर्मिन यक़ीन, MBBS MD · अंतिम अपडेट: अक्टूबर 2026

    यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और चिकित्सकीय सलाह नहीं है। दवाओं की कीमतें अक्टूबर 2026 तक के प्रकाशित स्रोतों पर आधारित अनुमान हैं और बदल सकती हैं। इलाज से जुड़े सभी निर्णय अपने ऑन्कोलॉजिस्ट के साथ लें।

    Dr Sharmin Yaqin

    Dr Sharmin Yaqin

    Dr Sharmin, for over 15 years has been actively working on the prevention of cancer. Her current research interest is in finding ways to prevent cancer and reduce the burden, suffering and mortality.

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